विप्रो को जुलाई-सितंबर में 1889 करोड़ रु का मुनाफा, पिछले साल से 14% कम

बेंगलुरु. देश की तीसरी बड़ी आईटी कंपनी विप्रो को जुलाई-सितंबर तिमाही में 1,889 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ। यह जुलाई-सितंबर 2017 के 2,191.80 करोड़ रुपए के मुकाबले 13.8% कम है। हालांकि, रेवेन्यू 8.32% बढ़कर 14,541 करोड़ रुपए रहा। पिछले साल यह 13,423.40 करोड़ रुपए था। कंपनी ने बुधवार को बोर्ड मीटिंग के बाद नतीजे घोषित किए।

विप्रो की बोर्ड बैठक में अरुंधति भट्टाचार्य को स्वतंत्र निदेशक नियुक्त करने की मंजूरी दी गई। एक जनवरी 2019 से उनका कार्यकाल अगले 5 साल तक रहेगा। हालांकि, नियुक्ति के लिए शेयरधारकों की मंजूरी जरूरी होगी। भट्टाचार्य एसबीआई की पूर्व चेयरमैन हैं।

देश की दूसरी बड़ी आईटी कंपनी इन्फोसिस को जुलाई-सितंबर तिमाही में 4,110 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ। सालाना आधार पर यह 10.30% ज्यादा है। पिछले साल जुलाई-सितंबर में 3,726 करोड़ रुपए का प्रॉफिट हुआ था। पिछले साल की तिमाही के मुकाबले कंपनी के रेवेन्यू में 17.30% इजाफा हुआ है। यह 20,609 करोड़ रुपए रहा। कंपनी अपने शेयरधारकों को 7 रुपए प्रति शेयर डिविडेंड देगी।

इन्फोसिस ने चालू वित्त वर्ष (2018-19) के लिए 6-8% रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान बरकरार रखा है। ऑपरेटिंग मार्जिन के 22-24% के अनुमान में भी बदलाव नहीं किया।

जुलाई-सितंबर में इन्फोसिस की डॉलर आय 2,921 करोड़ डॉलर रही। यह तिमाही आधार पर 3.2% और सालाना आधार पर 7.1% ज्यादा है। डॉलर में मुनाफा 58.1 करोड़ डॉलर रहा। यह तिमाही आधार पर 8.8% और सालाना आधार पर 0.5% ज्यादा है।

इन्फोसिस के सीईओ और एमडी सलिल पारेख ने कहा कि जुलाई-सितंबर में कंपनी को 2 अरब डॉलर की बड़ी डील मिली। इससे पता चलता है कि कंपनी का क्लाइंट बेस बढ़ा है। साथ ही छोटी अवधि में ग्रोथ बेहतर रहने की उम्मीद भी है।

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